“PM Modi Takes a Journey in India’s First Underwater Metro, Engages with Students”

Prime Minister Narendra Modi today inaugurated India’s first “underwater metro” in Kolkata, West Bengal, and took a journey in it. During this event, he also interacted with school students.

Prime Minister Narendra Modi inaugurated India’s first “underwater metro” in Kolkata, West Bengal, today. PM Modi also took a ride in India’s first “underwater metro.” During this journey, he also engaged in conversation with school students. In a video, PM Modi can be seen conversing with students. In the video, it is clear that PM initially called the students near him, arranged for them to sit together, and then continued the conversation.

Before starting the journey in the underwater metro with the Prime Minister, school student Prajna said, “I am very excited to meet PM Modi and travel with him in the underwater metro.” Meanwhile, another school student, Ishika Mahato, said she is very happy to have the opportunity to meet PM Modi.

The tunnel is built under the Hooghly River
This water tunnel is built under the Hooghly River. Two tracks are laid in this 520-meter-long tunnel, which is 33 meters below the ground and 13 meters below the surface of the Hooghly River. This tunnel will not only save time for the residents of Kolkata but also provide them with a comfortable journey. This gift of the metro to Kolkata will directly benefit millions of people.

What’s special about the underwater metro
The special thing is that this metro will cover the entire 520 meters under the Hooghly River. It should be noted that 10.8 kilometers out of the total 16.6 kilometers of the East-West Metro is underground. The work of this metro has been going on for 13 years, but after 2015, it gained momentum, and it took only 66 days to build this tunnel.

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Gautam Gambhir Requests BJP Chief JP Nadda to Relieve Him of Political Duties

Former cricketer and Delhi MP Gautam Gambhir has made a formal request to BJP president JP Nadda to release him from his political responsibilities on Saturday. Gambhir’s decision stems from his desire to allocate more time to his forthcoming cricket commitments. Expressing gratitude, Gambhir conveyed sincere appreciation to Prime Minister Narendra Modi and Home Minister Amit Shah for the opportunity to serve the nation.

In a statement, Gambhir stated, ”I have requested Hon’ble Party President @JPNadda ji to relieve me of my political duties so that I can focus on my upcoming cricket commitments. I sincerely thank Hon’ble PM @narendramodi ji and Hon’ble HM @AmitShah ji for giving me the opportunity to serve the people. Jai Hind!”

With this move, Gambhir aims to effectively manage his dual roles and responsibilities.

Having joined the BJP in March 2019, Gambhir swiftly emerged as a significant figure within the party in Delhi. He clinched victory in the East Delhi seat during the 2019 Lok Sabha elections with a remarkable margin of 6,95,109 votes.

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Doesn’t country have right to know PM’s academic qualification: Kejriwal after Gujarat HC quashes CIC order

New Delhi, Mar 31 (PTI) Does not the country have the right to know the academic qualification of the prime minister, Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal asked on Friday after the Gujarat High Court set aside an order of the Central Information Commission for providing information on Narendra Modi’s degree to him.

Allowing the Gujarat University appeal against the seven-year-old order of the Central Information Commission (CIC), Justice Biren Vaishnav also imposed a cost of Rs 25,000 on Kejriwal and asked him to deposit the amount within four weeks to the Gujarat State Legal Services Authority (GSLSA).

Reacting to the high court verdict, Kejriwal tweeted in Hindi, “Doesn’t the country even have the right to know how much the PM has studied? He vehemently opposed showing the degree in the court. Why? And those who demand to see the degree will be fined? What’s happening?” “Illiterate or less educated PM is very dangerous for the country,” the Aam Aadmi Party (AAP) chief alleged in the tweet.

AAP Rajya Sabha MP and national spokesperson Sanjay Singh termed the high court verdict “surprising”.

“CIC passed an order and asked Gujarat University to provide information on Narendra Modi’s degree. Then, the university files an appeal against the CIC order but fine has been slapped on Arvind Kejriwal. What kind of decision is this?” Singh said at a press conference here.

“This proves that the prime minister is actually not educated and he doesn’t want the people of the country to know about his educational qualification,” he charged, asking “will the country continue to pay the price for having an illiterate prime minister.” The AAP leader took a swipe at Modi and asked him to at least show his “entire political science degree” which he once mentioned.

“Yesterday some posters were pasted which asked if the country’s prime minister should be educated. Modi ji sent police to tear these posters,” he charged. PTI PK.

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नोटबंदी पर दोनों सदनों में आज भी हंगामे के आसार, संसद का घेराव करेगी AAP

AAP will encircle Parliament in the hope of demonetization in both houses even todayनोटबंदी पर मचा सियासी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है. संसद में मंगलवार को भी नोटबंदी पर गतिरोध बरकरार रहने की आशंका है. सरकार को घेरने की कोशिशों में जुटा विपक्ष संसद शुरू होने से पहले लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी बैठक के बाद आगे की रणनीति तय करेगा. वहीं, विपक्ष को जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक बुलाई है|

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली सांसदों को नोटबंदी से जुड़ी जानकारियां देंगे. साथ ही ये भी तय किया जाएगा की इस फैसले पर विपक्ष को करार जवाब कैसे दिया जाए. इधर, तृणमूल कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ लगातार मंगलवार को भी संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. नोटबंदी पर सियासी भूचाल आया हुआ है. जनता को हो रही परेशानी का सहारा लेकर विपक्ष लगातार नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहा है|

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन विपक्ष के हंगामे और सरकार प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी के चलते संसद का काम ठप्प पड़ा है. सड़कों पर भी विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि विपक्ष बहस के लिए तैयार नहीं है. इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे को लेकर विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्षी सांसद रोज संसद की कार्यवाही को बाधित करने का नया पैंतरा ढ़ूंढ़ लेते हैं|

वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के विरोध में आम आदमी पार्टी मंगलवार को संसद का घेराव करेगी| आप ने आरोप लगाया है कि सरकार ने यह कदम काले धन को निकालने के लिए नहीं, बल्कि कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया है. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में जंतर मंतर से संसद तक मार्च निकाली जाएगी. बताया जा रहा है कि ये मार्च सुबह 11.30 बजे शुरू होगी|

Source: Aaj Tak

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आतंकवाद पर पाकिस्तान को मिलकर घेरेंगे भारत-अफगानिस्तान, मोदी और गनी ने सुनाई खरी-खरी

ashraf-modi-s_650_091516102117आतंकवादियों का खुलकर समर्थन करने वाले पाकिस्तान को भारत और अफगानिस्तान ने कड़ा संदेश दिया है. प्रधानमंत्री मोदी और अफगा‍न राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मुलाकात के दौरान दोनों देशों के रक्षा और कारोबारी संबंध और मजबूत करने का फैसला किया और ऐलान किया कि अगली हार्ट ऑफ एश‍िया कॉन्फ्रेंस अमृतसर में आयोजित की जाएगी|

अपनी बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने क्षेत्र में राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर आतंकवाद के इस्तेमाल पर चिंता जताई. दोनों नेताओं के बीच बुधवार को क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. संप्रभु, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध अफगानिस्तान के लिए भारत के स्थायी समर्थन को दोहराते हुए पीएम मोदी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, ऊर्जा, आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए आगे जरूरतों पर देश के तैयार रहने के बारे में अवगत कराया|

भारत-अफगानिस्तान के बीच तीन समझौते
प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान को एक अरब डॉलर की मदद की पेशकश भी की. दोनों देशों प्रत्यर्पण समझौता, नागरिक और वाणिज्यिक मामलों में सहयोग तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा, ‘‘दनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और क्षेत्र में राजनीतिक लक्ष्यों के लिए आतंकवाद तथा हिंसा के निरंतर इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई.’ उन्होंने कहा, ‘‘वे इस बात पर सहमत हुए कि यह घटनाक्रम क्षेत्र तथा इससे आगे शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए सबसे बड़ा खतरा है|

नाम लिए बिना पाकिस्तान पर साधा निशाना
इस बात पर जोर देते हुए कि बिना भेदभाव के सभी तरह के आतंकवाद का खात्मा जरूरी है, दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान और भारत को निशाना बनाने वालों सहित आतंकवाद के सभी प्रायोजकों, समर्थकों, सुरक्षित पनाहगाह और ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की बात की. हालांकि पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया. यह पूछे जाने पर कि रक्षा आपूर्ति बढ़ाने के अफगानिस्तान की लंबित मांग को क्या भारत ने मान लिया, जयशंकर ने कहा, ‘दोनों नेताओं ने आतंकवाद से मुकाबले और सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग मजबूत करने के प्रति अपना संकल्प जताया जैसा कि भारत-अफगानिस्तान रणनीतिक साझेदारी समझौते में परिकल्पना की गई है|

अफगानिस्तान को 1.75 लाख टन गेहूं देने की पेशकश
जयशंकर ने किल्लत झेल रहे अफगानिस्तान को 1.75 लाख टन गेहूं आपूर्ति करने की भारत की पेशकश पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत गेहूं की आपूर्ति करना चाहता है और उसने महीनों पहले पाकिस्तान से ट्रांजिट के लिए अनुरोध किया था, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला|

 

 

Source By:  आज तक

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कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा, हुर्रियत को जम्हूरियत में यकीन नहीं: राजनाथ सिंह

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श्रीनगर
: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। उन्होंने श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि कश्मीर के हालात सुधरें। हर व्यक्ति चाहता है कि कश्मीर में अमन और शांति कायम हो। गौर हो कि कश्मीर में आज सर्वदलीय प्रतिनिधिंडल का आज दूसरा दिन है।

हुर्रियत नेताओं से मिलने पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से उनके मिलने से मना कर देने के एक दिन बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि अलगाववादियों का रवैया दर्शाता है कि वे ‘कश्मीरियत’, ‘इंसानियत’ और ‘जम्हूरियत’ में यकीन नहीं रखते हैं। प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दूसरे दिन एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये सिंह ने कहा कि वह इस बारे में आश्वस्त हैं कि राज्य में शांति बहाल होगी और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत की है।

गृहमंत्री ने कहा, ‘जहां तक वार्ता का संबंध है तो अमन और सामान्य स्थिति चाहने वाले सभी लोगों के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी पत्र लिखे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य कल हुर्रियत नेताओं से मिलने गये थे। जिन्हें हमने ना तो जाने के लिए कहा था और ना ही नहीं जाने के लिए। जो कुछ भी हुआ उसके बारे में आप जानते हैं। विस्तार में जाने की मेरी इच्छा नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन हमें उन दोस्तों ने वापस आ कर जो भी सूचना दी, यह कहा जा सकता है कि यह ‘कश्मीरियत’ नहीं है। इसे ‘इंसानियत’ नहीं कहा जा सकता। कोई बातचीत के लिए जाता है और वो उसे खारिज कर देते हैं, यह ‘जम्हूरियत’ भी नहीं है। शांति और सामान्य स्थिति चाहने वाले हरेक आदमी के साथ बातचीत के लिए हम तैयार हैं।’ सिंह ने कहा जम्मू कश्मीर ‘‘हमेशा भारत का अभिन्न अंग था , है और रहेगा।’

Source : Zee News

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आईएस के निशाने पर पीएम मोदी, 15 अगस्त को बुलेट प्रूफ केबिन से दे सकते हैं भाषण

this-15th-august-threat-to-pms-life-higher_1469773201इस स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को सबसे ज्यादा खतरा है, ऐसा सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर पर होने वाले पीएम के भाषण के लिए एहतियातन बुलेट प्रूफ केबिन बनाने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल से कहा गया है कि इसबार पहले के मुकाबले पीएम की जान का खतरा ज्यादा है, इसलिए इसबार हर हाल में बुलेट प्रूफ केबिन पर गंभीरता से विचिर करना चाहिए।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इस बार पीएम की जान के खतरे के पीछे वजह कश्मीर के हालात या सीमा पर तनाव नहीं, बल्कि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों की वजह से भी है। जैसा का आतंकी संगठन ‘लोन वुल्फ’ (अकेल शख्स द्वारा हमला) हमले की नीति पर चल रहा है, वह पीएम को भी इसका निशाना बना सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी चेताया कि आतंकी ड्रोन हमले की भी कोशिश कर सकते हैं, इसलिए पीएम को भाषण बुलेट प्रूफ केबिन से ही देना चाहिए।

बता दें कि बीते साल स्वतंत्रतता दिवस के मौके पर भी पीएम को बुलेट प्रूफ केबिन से भाषण देना था, लेकिन एन मौके पर पीएम मोदी ने उसे हटवा दिया और खुली हवा में रहकर देश की जनता को संबोधित किया।

सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो इस बार हालात कुछ और हैं, इसलिए इस बुलेट प्रूफ केबिन की अनदेखी नहीं की जा सकती, पीएम को इसका पालन करना ही चाहिए।
सूत्रों की मानें तो बुलेट प्रूफ केबिन से पीएम का भाषण देना इंदिरा गांधी की हत्या के बाद से परंपरा के तौर पर रहा है, लेकिन 2014 में पीएम मोदी ने इस परंपरा तोड़ा, लेकिन अब सुरक्षा के लिहाज से उन्हें भी इस परंपरा का पालन करना चाहिए।

सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो आईएस ही नहीं, अल कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैस-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन और हरकत-उल-जेहादी जैसे आतंकी संगठनों के निशाने पर ही पीएम नरेंद्र मोदी हैं।

पिछले साल जब पीएम ने बिना किसी बुलेट प्रूफ केबिन के जनता को संबोधित करने का फैसला किया तो उनकी सुरक्षा में काफी मश्क्कत करनी पड़ी थी। लाल किले के एक किलोमीटर के दायरे में स्पेशल कमांडोज का घेरा बनाया गया था और ड्रोन से निगरानी की गई थी। सूत्रों की मानें तो पीएम की सुरक्षा में एसपीजी, आईबी पैरामिलिट्री और दिल्ली पुलिस के 5000 जवान केवल लाल किले पर तैनात किए गए थे।

Source: Amar Ujala

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राहुल गांधी बोले, अब गांव-शहर में लोग बोल रहे ‘अरहर मोदी, अरहर मोदी’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषण का जिक्र करते हुए उनके दावों पर निशाना साधा। महंगाई पर नरेंद्र मोदी के भाषणों का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि मोदी जी कहते थे, ‘गरीब के घर में चूल्हा नहीं जलता। मां-बेटे रात भर रोते रहते हैं.वाह! क्या लाइन थी। लेकिन अब महंगाई पर लगाम लगाना भूल गए।’
सदन में नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा एनडीए की सरकार अपनी सालगिरह का जश्न ‘हैप्पी बर्थडे’ मनाती है लेकिन महंगाई का जिक्र तक नहीं करती। राहुल गांधी ने महंगाई पर एनडीए और यूपीए सरकार की तुलना करते हुए कहा, ‘ मोदी जी कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री नहीं, चौकीदार बनाओ। तीन-तीन बार अध्यादेश पेश किए गए, मोदीजी की नाक के नीचे जमीन छीनने की कोशिश की गई और चौकीदार देखता रहा।’ राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने किसानों का हजारों करोड़ रुपए माफ किए लेकिन एनडीए सरकार जमीन छीनने की कोशिश करती रही।

कांग्रेस सांसदों की तालियों के बीच राहुल गांधी ने सदन में जोरदार तरीके से मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अरहर की दाल की बढ़ती कीमतोंं के मामले पर केंद्र सरकार की खूब आलोचना की।सदन में राहुल ने कहा, ‘मैं मोदी जी से सिर्फ एक बात बोलना चाहता हूं कि स्टार्टअप, ओके बाय बाय …जो करना है करिए, लेकिन इस हाउस को आप वह डेट, वह तारीख दे दीजिए, जब मार्केट में दाल आलू-टमाटर के दाम कम हो जाएंगे। अरहर की दाल के भाव आसमान छू रहे हैं, गांव शहर के लोग बोल रहे हैं अरहर मोदी- अरहर मोदी।

Source: Amar Ujala

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मिशन यूपी के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ यूं हाईटेक कर दिया कार्यकर्ताओं को

amit-shah_650x400_51463717652नई दिल्‍ली: पूरे उत्तर प्रदेश में बीजेपी के विभिन्न दफ्तरों में काफी गहमागहमी है और इसका पूरा श्रेय पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को जाता है। देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में लंबे समय से सत्ता से दूर रही बीजेपी के पार्टी दफ्तरों में अब एक नई कार्य संस्कृति देखी जा रही है। फरवरी में अमित शाह ने राज्य में पार्टी के नए मुख्यालय की आधारशिला रखी थी। शाह उस वक्त पान की पीक से रंगी दीवारों और हो-हल्ले वाले माहौल को देखकर काफी खफा हुए थे।

कार्यकर्ताओं को मिलेंगे रेडियो फ्रिक्‍वेंसी वाले अटेंडेंस कार्ड
लेकिन यह अब बीते दिनों की बात हो गई। बीजेपी अब लखनऊ में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रेडियो फ्रि‍क्वेंसी वाले अटेंडेंस कार्ड देने की योजना बना रही है, जिसे उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्वाइप करना होगा। इसके जरिये पार्टी के वरिष्ठ नेता यह जान सकेंगे कि कोई नेता दफ्तर में कितनी जल्दी आता है और कितना समय व्यतीत करता है। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों को 2019 के आम चुनावों के पूर्व संकेत के रूप में निश्चित रूप से देखा जाएगा।

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता जो कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री बनने के दौरान पार्टी के उत्थान और साल 2001 में राजनाथ सिंह के शासनकाल के दौरान पार्टी के पतन के गवाह रहे हैं, उन्होंने एनडीटीवी से कहा, हम करीब 15 साल से सत्ता से दूर हैं। लगभग सभी नेता पार्टी दफ्तर तभी आते हैं, जब इसके लिए उन पर दबाव डाला जाता है। उनके लिए लंच के लिए वापस घर जाना और दोपहर में आराम करना भी जरूरी होता है। अब हमें बदलाव करने के लिए कहा जा रहा है।

नए इलेक्ट्रॉनिक कार्ड में यूनिक नंबर हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं को विभिन्न दस्तावेजों, पार्टी की नीतियों, केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारियों और ऑनलाइन लाइब्रेरी के इस्तेमाल में काफी सहूलियत मिलेगी।

जमा करनी होगी बैठकों की ऑनलाइन रिपोर्ट
वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न बैठकों और चर्चाओं के बारे में ऑनलाइन रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। इन रिपोर्टों की केंद्रीय नेताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा समीक्षा की जाएगी। यह ऑनलाइन सुविधा जुलाई से चालू हो जाएगी और पहले फेज में मंडल स्तर के 1800 पदधारी इससे जुड़ेंगे। बाद में करीब 1.5 लाख कार्यकर्ताओं को राज्य मुख्यालय से ऑनलाइन जोड़ा जाएगा, जो मतदान के दौरान बूथ लेवल पर काम करेंगे।

बीजेपी अध्यक्ष की नई योजनाएं उनके खुद के शुरुआती और कड़वे अनुभवों के आधार पर तैयार किए गए हैं। 2013 में अमित शाह उस वक्त पीएम पद के घोषित उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए यूपी में चुनावी आधार तैयार करने के वास्ते गए थे। बीजेपी के एक नेता ने एनडीटीवी को बताया, ‘उन्होंने (अमित शाह ने) पाया कि स्थानीय नेता तभी दफ्तर में झांकते थे, जब किसी केंद्रीय नेता का दौरा होता था। उन्हें नेताओं के पैर छूने की आदत भी नागवार गुजरी, जिनका यूपी के वोटरों से वास्तव में कोई संपर्क नहीं था। अब जो नई पहल की जा रही है, उससे लगता है कि उन्हें यहां के शुरुआती दिन याद हैं।’

2014 के लोकसभा चुनावें में बीजेपी का यूपी में रहा था शानदार प्रदर्शन
2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 70 पर कब्जा जमाया था और पार्टी की इस शानदार कामयाबी से सिद्ध हुआ कि अमित शाह ने यहां वोटरों के नब्ज पकड़ने में कोई चूक नहीं की थी। जब उन्हें यूपी का जिम्मा सौंपा गया था, तब ऐसी स्थिति थी जैसे बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को घुन लगा हो। इनमें अधिकतर वैसे कार्यकर्ता थे, जो नेताओं के सगे-संबंधी थे और जिन्होंने कभी भी जमीनी स्तर पर काम नहीं किया था। यही नहीं कार्यकर्ताओं की सूची में कुछ ऐसे भी नाम थे, जो मर चुके थे। ऐसी स्थिति में आनन-फानन में कार्यकर्ताओं की पूरी फौज खड़ी की गई। अब एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जोड़ा गया है और उनके रिकॉर्ड, प्रमाण पत्र तथा उनकी क्षमताओं का विश्लेषण कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वोटरों से उनके कितने मजबूत संबंध हैं।

 

Source : NDTV

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केजरीवाल को अगर अनुकूल लगे तो वह मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं : प्रशांत भूषण

prashant-bhushan_650x400_71463073911वाशिंगटन: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर ‘पूरी तरह बेइमान’ होने का आरोप लगाते हुए उनके मित्र से विरोधी बने प्रशांत भूषण ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के नेता व्यक्तिगत हित के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं।

अमेरिका के निजी दौरे पर आए भूषण ने भारतीय-अमेरीकियों और भारतीयों के एक समूह को सोमवार रात संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वह (केजरीवाल) पूरे बेइमान हैं, जिस दिन उन्हें रास आए, वह मोदी से हाथ मिला लेंगे। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’’ भूषण की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार के बीच पिछले एक साल से अधिक समय में कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला है।

मेरे और योगेन्द्र जैसे लोगों का इस्तेमाल विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किया
पिछले साल आम आदमी पार्टी (आप) से निकाले जाने के बाद योगेन्द्र यादव के साथ स्वराज अभियान की नींव रखने वाले भूषण ने कहा कि केजरीवाल की इस फितरत के बारे में उन्हें पहले पता नहीं चल पाया इसका उन्हें अफसोस है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मेरे और योगेन्द्र जैसे लोगों का इस्तेमाल विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किया और इस दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आप के निर्णय लेने वाले निकायों में उनका बहुमत हो, ताकि वह अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ सकें।’’ एक सवाल के जवाब में भूषण ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की दिलचस्पी भ्रष्टाचार से लड़ने में नहीं है।

अरविंद का हाल मनमोहन सिंह जैसा ही है
आप विधायकों को लेकर भ्रष्टाचार के कई मामलों के बारे में सुने जाने का आरोप लगाते हुए भूषण ने कहा, ‘‘वह खुद के लिए जवाबदेही नहीं चाहते हैं।’’ आप के पूर्व नेता ने आरोप लगाया, ‘‘अरविंद का हाल मनमोहन सिंह जैसा ही है जिन्होंने खुद कभी रुपया नहीं लिया लेकिन अपने इर्द-गिर्द के लोगों को रुपया लेने की अनुमति दी।’’ पंजाब विधानसभा चुनाव के बारे में बात करते हुए भूषण ने बताया कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार कांग्रेस की तुलना में कहीं ज्यादा बुरी होगी।

पंजाब में आप को एक विश्वसनीय विकल्प मानने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह सिद्धांतविहीन और अराजक होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दरअसल पंजाब में कांग्रेस कहीं अच्छी पसंद साबित होगी। मेरे विचार में वह आप से बेहतर होगी। वे (कांग्रेस) अनुभवी हैं। आप में कोई सिद्धांत नहीं रह गया है।’’ उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान राजनीति में कूदने के लिए तैयार नहीं है।

केजरीवाल ने मेरे जैसे लोगों का इस्तेमाल किया
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘इसमें एक साल का समय लगेगा।’’ उन्होंने बताया कि चुनावी राजनीति में शामिल होने से पहले स्वराज अभियान खुद के भीतर पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र के सिद्धांत स्थापित करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘आप के मामले में हमने जो गलतियां की हैं हम उन्हें दोहराना नहीं चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने मेरे जैसे लोगों का इस्तेमाल किया।

(इस खबर को दी सन्डे हेड लाइन्स  टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)

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