Lok Sabha Elections LIVE Updates: PM Modi Condemns Sam Pitroda’s Remarks; Priyanka Gandhi Gears Up for Rae Bareli Leadership

Congress leader Sam Pitroda had earlier said that people in the South “look like Africans and those in the East look like Chinese; Priyanka Gandhi said Rae Bareli is once again ready for Congress leadership

In the wake of Congress leader Sam Pitroda’s controversial remarks, Prime Minister Narendra Modi took a stern stance against what he termed as “racist comments.” Addressing a rally in Warangal, PM Modi condemned Pitroda’s statements, asserting that the nation will not tolerate any form of insult based on skin color. He called upon Congress leader Rahul Gandhi to explain in this regard, emphasizing that such disrespect towards fellow citizens is unacceptable.

Prime Minister Narendra Modi offers prayers at Sri Raja Rajeshwara Swamy temple, in Karimnagar on May 8, 2024.

As the Lok Sabha elections progress, with phase 3 scheduled for May 7, Prime Minister Modi intensified his campaign efforts with rallies and roadshows in Telangana and Andhra Pradesh. With nearly half of the election phases completed, the political landscape continues to witness fervent campaigning and voter engagement across the country.

  • PM Modi’s Strong Condemnation: Prime Minister Narendra Modi unequivocally denounced Sam Pitroda‘s remarks, emphasizing that insults based on skin color are intolerable and against the ethos of the nation. Modi called for accountability from Rahul Gandhi, demanding a response to the controversial statements made by Pitroda.
  • Election Campaign Intensifies: With phase 3 of the Lok Sabha elections approaching, Prime Minister Modi intensified his campaign efforts with rallies and roadshows in Telangana and Andhra Pradesh. The heightened political activity underscores the significance of voter engagement as the electoral process advances.
  • Voter Turnout and Election Dynamics: The recent voting phase witnessed a substantial voter turnout across various constituencies, with significant participation reported in several states. Despite sporadic incidents of violence in West Bengal, the overall voter enthusiasm reflects the electorate’s active engagement in shaping the democratic process.

In the recent phase of voting on May 7, a substantial turnout of nearly 62% was recorded across 93 constituencies spanning 11 states and Union Territories. Despite incidents of violence reported in West Bengal, several regions demonstrated enthusiastic participation in the electoral process. Assam registered the highest turnout at 75.53%, closely followed by Goa at 74.47%, and West Bengal at 73.93%. Conversely, Maharashtra reported the lowest voter turnout at 55.54%, while Bihar and Gujarat saw a modest increase, recording 56.55% and 56.98% respectively, as per data released by the Election Commission.

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Lok Sabha Election: Congress and AAP Close to Striking a Deal, Agreement Reached in Delhi

Congress and the Aam Aadmi Party (AAP) have reached an agreement to form an alliance in Delhi ahead of the upcoming Lok Sabha elections. Currently, all seven Lok Sabha seats in Delhi are held by the Bharatiya Janata Party (BJP). This time, Congress and AAP are in the mood to challenge the BJP.

According to sources, AAP may contest on 4 seats, while Congress may field its candidates on 3 seats.

Sources revealed that Congress may contest in East Delhi, North East Delhi, and Chandni Chowk constituencies, while AAP may contest in New Delhi, North-West Delhi, West Delhi, and South Delhi constituencies.

Under the alliance agreement, the Bharuch seat in Gujarat may be given to the Aam Aadmi Party by Congress.

Earlier, AAP’s National Convener Arvind Kejriwal had stated on Wednesday that there was a delay in talks between AAP and Congress regarding seat sharing for the Lok Sabha elections in Delhi.Congress Alliance in UP – The agreement between the two parties comes at a time when both the Samajwadi Party (SP) and Congress officially announced an alliance in Uttar Pradesh and Madhya Pradesh on Wednesday. Congress will contest on 17 seats in Uttar Pradesh, while SP will contest on one seat in Madhya Pradesh.

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Sonia Gandhi meet with president on delhi violence

दिल्ली हिंसा पर राष्ट्रपति से मिले सोनिया-प्रियंका-मनमोहन, गृह मंत्री को हटाने की मांग

  • जस्टिस मुरलीधर के तबादले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
  • हिंसा की चपेट में आने से अब तक 35 लोगों की मौत

दिल्ली हिंसा मामले में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंच गया. इस प्रतिनिध मंडल में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा, रणदीप सुरेजवाला समेत कई नेता शामिल हैं. राष्ट्रपति कोविंद को कांग्रेस की ओर से मेमोरेंडम दिया गया.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि गृह मंत्री और पुलिस हिंसा रोकने में नाकाम रही. दिल्ली और केंद्र सरकार ने हिंसा की अनदेखी की. हिंसा की वजह से अब तक 34 लोगों की मौत हुई, 200 से अधिक लोग घायल हैं. करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ. इस मेमोरेंडम में हिंसा के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ ही पीड़ितों को मदद मुहैया कराने की मांग की गई है.

फिर अमित शाह के इस्तीफे की मांग

इसके साथ सोनिया गांधी ने कहा कि घटना को लेकर कार्रवाई करने की बजाय केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मूकदर्शक बनी रही. गृह मंत्री अमित शाह ने भी कोई कार्यवाही नहीं की, जिसकी वजह से 34 लोगों की जान चली गई. सोनिया गांधी ने एक बार फिर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की और कहा कि वह स्थिति को संभालने में नाकाम साबित हुए हैं

जस्टिस के तबादले पर सवाल

इससे पहले कांग्रेस ने दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर के अचानक तबादले पर सवाल उठाया. प्रियंका गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि आधी रात में जस्टिस मुरलीधर के तबादले से हैरानी हुई. सरकार न्याय का मुंह बंद करना चाहती है.

प्रियंका गांधी वाड्रा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया और कहा, ‘बहादुर जज लोया को नमन, जिनका ट्रांसफर नहीं किया गया था.’

 

इस हिंसा की चपेट में आने से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है. गुरुवार को ही अब तक 7 लोगों के मौत की खबर है. इसमें गगनविहार के जोहरीपुर एक्सटेशन डबल पुलिया के नाले से मिली दो लाशें शामिल हैं. फिलहाल, लाशों की पहचान की जा रही है. इसके अलावा जीटीबी हॉस्पिटल समेत कई अस्पतालों में 200 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है.

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Begani Shadi men Abdulla Diwana - Smirti Irani Speech

सेना में अब महिलाओं को भी स्थायी कमीशन मिलेगा

Now women will also get permanent commission in army
भारतीय सेना में महिला अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति एक विकासवादी प्रक्रिया है.
Rahul Gandhi Begani shadi men abdulla diwana

  1. सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन का मामला
  2. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर कसा तंज
  3. ‘आदरणीय बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाने’

भारतीय सेना में महिला अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ( Justice DY Chandrachud) और जस्टिस अजय रस्तोगी (Justice Ajay Rastogi) की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति एक विकासवादी प्रक्रिया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया. महिलाओं की शारीरिक विशेषताओं पर केंद्र के विचारों को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि केंद्र अपने दृष्टिकोण और मानसिकता में बदलाव करे. अदालत के फैसले के अनुसार, सेना में अब महिलाओं को भी स्थायी कमीशन मिलेगा. कोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार को घेरते हुए एक ट्वीट किया. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने राहुल पर तंज कसते हुए लिखा, ‘आदरणीय बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाने.’

सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क देकर हर भारतीय महिला का अपमान किया है कि सेना में महिला अधिकारी कमांड पोस्ट या स्थायी सेवा के लायक नहीं हैं क्योंकि वह पुरुषों से निम्न हैं.’

जिसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनके ट्वीट का जवाब देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘आदरणीय बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाने, यह पीएम नरेंद्र मोदी जी ही थे, जिन्होंने सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए स्थायी आयोग की घोषणा की थी, जिससे लैंगिक न्याय सुनिश्चित हुआ और भाजपा महिला मोर्चा ने इस मुद्दे को उठाया था जब आपकी सरकार थी.’

बताते चलें कि सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महिलाएं अब सेना में पूर्णकालिक रूप से कर्नल या उससे ऊपर रैंक पर पदस्थ हो सकती हैं. युद्ध अथवा दुश्मनों से मुकाबला करने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए वह अभी भी पैदल सेना, तोपखाने और बख्तरबंद कोर में शामिल नहीं हो सकती हैं. एक महिला कर्नल अब 850 पुरुषों की एक बटालियन की कमान संभाल सकती है. महिलाएं योग्यता के आधार पर ब्रिगेडियर, मेजर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल और सैद्धांतिक रूप से सेना प्रमुख के पद तक बढ़ सकती हैं, लेकिन यह कई लड़ाकू संरचनाओं की अगुवाई करने के अनुभव के बिना लगभग असंभव होगा, जिसे काफी समय से अस्वीकार किया जा रहा है.

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नाथूराम गोडसे और पीएम मोदी की विचारधारा एक जैसी – राहुल गांधी का विवादित बयान

कांग्रेस (Congress) नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी  ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला किया है| कांग्रेस के ‘संविधान बचाओ’ मार्च के दौरान एक रैली में राहुल ने कहा, ‘नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) और नरेंद्र मोदी एक ही विचारधारा में विश्वास करते हैं, उनमें कोई अंतर नहीं है| सिवाय इसके नरेंद्र मोदी को यह कहने की हिम्मत नहीं है कि वह गोडसे में विश्वास करते हैं|

  • केरल के वायानाड में संविधान बचाओ मार्च के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर विवादास्पद बयान दिया|

राहुल ने कहा, ‘आप इस बात पर ध्यान दें कि जब भी आप नरेंद्र मोदी से बेरोजगारी और नौकरियों के बारे में पूछते हैं, तो वह अचानक ध्यान भटकाते हैं| NRC और CAA से नौकरियां नहीं मिलने जा रही हैं, कश्मीर की स्थिति और असम को जलाने से हमारे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है| उन्होंने कहा, ‘भारतीयों को यह साबित करने के लिए कहा जा रहा है कि वे भारतीय हैं|  यह तय करने वाले नरेंद्र मोदी कौन हैं कि मैं भारतीय हूं| किसने उन्हें लाइसेंस दिया है कि वह ये तय करें कि कौन भारतीय है और कौन नहीं?
मैं जानता हूं कि मैं एक भारतीय हूं और मुझे इसे साबित करने की जरूरत नहीं है|’

अब देखना ये है की इस कथन को लेकर मोदी जी क्या पलटवार करते है | सच देखा जाय तो राजनीति के इस घिनौने पक्ष को क्या हम आदर्शवादी तरीके से कभी रख पाएंगे ? अब लोगों की नजर 8 फ़रवरी के होने वाले चुनाव पर टिकी हुई है |
जहाँ एकतरफ शाहीन बाग़

 

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बाबरी कांड के 26 साल बाद अयोध्या पहुंचा गांधी फैमिली का कोई मेंबर, विवादित ढांचे से 1km दूर रहे राहुल

rahul5_1473409653फैजाबाद. किसान यात्रा के चौथे दिन शुक्रवार को अयोध्‍या पहुंचे राहुल गांधी ने हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन किया। इसके बाद महंत ज्ञान दास से मुलाकात की और आशीर्वाद लिया। लेकिन वे विवादित ढांचे से करीब एक किमी दूर ही रहे। बता दें, 1992 में विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद राहुल नेहरू-गांधी परिवार के पहले ऐसे सदस्‍य हैं, जो अयोध्‍या पहुंचे हैं। 1990 में राजीव गांधी सद्भावना यात्रा के दौरान अयोध्या गए थे। रोड शो में फंसी एंबुलेंस…
(5वीं स्‍लाइड में देखें वीडियो…)
– इस बीच राहुल के रोड शो के चलते एक एंबुलेंस 10 मिनट से ज्‍यादा समय के लिए रुक गई।
– बाद में राहुल के खुद हस्‍तक्षेप करने के बाद रोड क्‍लीयर हो सकी।
कोई मीटिंग और प्रोग्राम नहीं
– फैजाबाद जिला कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट रामदास वर्मा ने बताया कि मंदिर में दर्शन और महंत ज्ञानदास से मिलने के अलावा राहुल का और कोई प्रोग्राम या किसी के साथ मीटिंग नहीं है।
– इस दौरान राहुल को विवादित परिसर और जहां पत्‍थर रखे हैं, वहां से दूर रखा गया। ये वही पत्‍थर हैं, जो 1989 में राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्‍या लाए गए थे।
– कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि राहुल के मंदिर के दौरे का राजनीति से कोई मतलब नहीं है।
क्या बोले महंत
– महंत ज्ञानदास ने कहा, “हम मंदिर में सभी का स्‍वागत करते हैं। राहुल गांधी का भी स्‍वागत है। हम संत हैं और हम उन सभी को आशीर्वाद देते हैं, जो हमारा आशीर्वाद लेते हैं।”
– बता दें, कुछ दिनों पहले महंत ज्ञानदास ने अखिलेश यादव को लखनऊ में उनके घर पर एक प्रोग्राम के दौरान आशीर्वाद दिया था।
सुरक्षा में हुई थी चूक
– इससे पहले गुरुवार को जब राहुल का काफिला फैजाबाद पहुंचा तो उनकी सुरक्षा में सेंध लग गई।
– कांग्रेस नेता और समर्थक उनका स्वागत कर रहे थे, तभी रिवॉल्वर लिए एक युवक उनके करीब तक पहुंच गया था।
– बाद में एसपीजी के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
– एसपी सिटी संकल्प शर्मा ने बताया कि राहुल गांधी की सुरक्षा में लगे एसपीजी के अफसरों ने आरोपी मानबहादुर को पुलिस को सौंप दिया है।
– वह कांग्रेस से जुड़ा नेता बताया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
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26 साल बाद कांग्रेसी ‘युवराज’ का अयोध्या दौरा

160110200529_rahul_gandhi_624x351_afpgettyशुक्रवार, नौ सितंबर, 2016 की सुबह साढ़े नौ-दस बजे के आसपास जब राहुल गांधी अयोध्या की प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी में दर्शन करेंगे तो वे बाबरी मस्जिद कांड के बाद अयोध्या जाने वाले नेहरू-गांधी परिवार के पहले वंशज होंगे.

1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री और राहुल के पिता राजीव गांधी ने कांग्रेस के लोक सभा चुनाव प्रचार की शुरुआत अयोध्या से की थी, हालांकि वे हनुमान गढ़ी नहीं जा पाए थे, हालांकि यह उनके कार्यक्रम में था.

1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री और राहुल के पिता राजीव गांधी ने कांग्रेस के लोक सभा चुनाव प्रचार की शुरुआत अयोध्या से की थी, हालांकि वे हनुमान गढ़ी नहीं जा पाए थे, हालांकि यह उनके कार्यक्रम में था.

1990 में सद्भावना यात्रा के दौरान राजीव गांधी का गुज़र अयोध्या से हुआ था.

लेकिन तबसे हनुमान गढ़ी तो दूर, अयोध्या भी उनके परिवार का कोई कांग्रेसी नहीं गया. सोनिया ने फैज़ाबाद में तो सभाएं कीं लेकिन अयोध्या से वे दूर ही रहती आई हैं.

वैसे, राजीव अयोध्या में हनुमान गढ़ी दर्शन से कहीं ‘बड़ा’ काम कर चुके थे जिसके बल पर उन्होंने 1989 के उस चुनावी सभा में ‘राम-राज्य’ लाने का वादा किया था.

राहुल गांधी का हनुमान गढ़ी के दर्शन करने का कार्यक्रम पहले नहीं था. बुधवार की रात अचानक इसे उनके कार्यक्रम में जोड़ा गया. जोड़ा यह भी गया कि अयोध्या के बाद जब वे रोड शो करते हुए अम्बेडकरनगर जाएंगे तो किचौछा शरीफ़ दरगाह पर भी मत्था टेकेंगे.

राहुल इस समय उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों-कस्बों में रोड शो कर रहे हैं. उनकी यात्रा को ‘किसान यात्रा’ का नाम दिया गया है. राहुल की यह यात्रा देवरिया से अपनी शुरुआत ही में ‘खाट-प्रकरण’ के कारण चर्चा या विवाद में आ गई. सोशल साइटों पर तब से ‘खाट’ ट्रेंड कर रहा है.

देवरिया के बाद राहुल को गोरखपुर, गोण्डा होकर शुक्रवार को अयोध्या-फैज़ाबाद में रोड शो और किसानों से मुलाक़ात करते हुए अम्बेडकर नगर जाना था. “खाट-प्रकरण” उनके साथ-साथ चल रहा था लेकिन अब हनुमान गढ़ी का दर्शन उनके कार्यक्रम में जुड़ जाने से फोकस बदल गया लगता है.

क्या कांग्रेसी रणनीतिकारों ने ‘किसान यात्रा’ में ऐन वक्त पर ‘मंदिर टच’ जान-बूझ कर दिया है? क्या राहुल के हनुमान गढ़ी दर्शन से कांग्रेस कोई ख़ास संदेश यू पी के मतदाताओं को देना चाहती है? क्या आने वाले विधान सभा चुनाव में भाजपा की काट के लिए कांग्रेस को थोड़ा हिंदू-झुकाव भी ज़रूरी लग रहा है?

जिन ब्राह्मण वोटों पर इस बार कांग्रेस सबसे ज़्यादा ज़ोर दे रही है, क्या राहुल का हनुमान गढ़ी प्रवेश उसे आसान बना देगा?

कई सवाल एकाएक उछलने लगे हैं.

राहुल के हनुमान गढ़ी में पूजन-अर्चन को 27 साल पहले की उनके पिता की रणनीति से जोड़कर भी देखा जाने लगा है.

राजीव गांधी ने अपने दोस्तों-सलाहकारों के कहने पर बाबरी मस्जिद मामले में कई तरह के फ़ैसले लिए थे: 1989 में विश्व हिंदू परिषद को अयोध्या के विवादित क्षेत्र में राम मंदिर के शिलान्यास की इजाज़त दी थी. इसकी परिणति छह दिसम्बर, 1992 को बाबरी मस्जिद ध्वंस में हुई, जिसने कांग्रेस को अपने व्यापक मुस्लिम जनाधार से वंचित कर दिया.

27 साल से कांग्रेस यूपी की सत्ता से बाहर है. ’27 साल यूपी बेहाल’ का नारा लेकर इस बार वह नए चुनावी प्रबंधन कौशल से प्रदेश में पैर जमाने निकली है. ये 27 साल यूपी में कांग्रेस की बदहाली के भी हैं. क्या इस बदहाली को दूर करने के लिए राहुल को अयोध्या और हनुमान गढ़ी की यात्रा ज़रूरी लग रही है?

बताया तो यह जा रहा है कि अयोध्या-फैज़ाबाद से कांग्रेस का टिकट चाहने वालों ने, जिनमें एक महंत भी हैं, राहुल के सलाहकारों तथा कांग्रेस के रणनीतिकारों पर दवाब बनाया और तब बुधवार की रात राहुल के हनुमान गढ़ी जाने का कार्यक्रम तय हुआ.

उन्हें यह समझाया गया कि सोनिया गांधी अपने वाराणसी रोड शो में काशी-विश्वनाथ के दर्शन नहीं कर पाई थीं. बहाना उनकी बीमारी बना लेकिन हिंदुओं में चर्चा यह रही कि रोड शो में बड़ी संख्या में मुस्लिम उपस्थिति देख कर सोनिया बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना टाल गईं.

राहुल और उनके सलाहकारों की रणनीति यदि इस बहाने हिंदू-कार्ड चलना है तो इतिहास में, विशेषकर राजीव गांधी की मंदिर-चाल में उनके लिए एक बड़ा सबक़ तो हो ही सकता है, यदि वे उस ओर देखना चाहें.

तनिक वाम झुकाव वाली कांग्रेस की मध्यमार्गी नीति से किनारा करते हुए राजीव गांधी ने 1986 से 1989 के बीच हिंदू झुकाव का जो रास्ता अपनाया उसने जहां देश को विकास के मार्ग से भटका कर धर्म की राजनीति का अखाड़ा बना दिया वहीं कांग्रेस पार्टी के धीरे-धीरे अप्रासंगिक होते जाने का रास्ता भी तैयार कर दिया था.

धर्म की राजनीति करने के लिए दूसरी पार्टियां अखाड़े में पहले से मौजूद थीं. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों की सहायता से भाजपा ने फ़ौरन राम मंदिर को चुनावी राजनीति का मुख्य मुद्दा बना डाला.

आज भी राहुल और उनकी कांग्रेस इस मामले में भाजपा का क़तई मुकाबला नहीं कर सकते. भाजपा को टक्कर देने के लिए उस ही की तरह बनने की कोशिश करने की बजाय कांग्रेसी मूल्यों की पुनर्स्थापना क्या बेहतर तरीक़ा नहीं होगा?

जिस निचले पायदान पर आज कांग्रेस खड़ी है वहां से उसे वापसी का रास्ता ढूंढना है. उससे नीचे मोदी जी का ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ है और वहां कांग्रेस निश्चय ही नहीं लुढ़कना चाहेगी.

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आश्चर्य है कि राहुल अपने रोड शो और किसान पंचायतों में सीधे नरेंद्र मोदी और उनकी ‘सूट-बूट की सरकार’ को निशाना बना रहे हैं. उनके प्रचार का अंदाज़ लोकसभा चुनाव की याद दिलाता है.

चुनाव यूपी के होने हैं और यहां सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी उनकी आलोचना का केंद्र नहीं है. इस प्रदेश की बदहाली को दूर करने का कोई रोड मैप उनके मुंह से नहीं सुनाई देता.

किसानों की ऋण माफी का मुद्दा वे सीधे विजय माल्या से जोड़ते हैं लेकिन मुख्यमंत्री पद की अपनी उम्मीदवार ‘दिल्ली का कायाकल्प कर देने वाली’ शीला दीक्षित को प्रदेश के मतदाताओं से परिचय नहीं करा रहे.

बहरहाल, देखना होगा कि 27 साल बाद अयोध्या आ रहे पहले कांग्रेसी युवराज हनुमान गढ़ी दर्शन-पूजन के बाद किस तेवर में दिखाई देते हैं!

Source : BBC hindi

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‘Pappu Pass Hoga’, Congress Workers In Varanasi Insist Today

sonia-gandhi-road-show_650x400_51470126232Varanasi: At 1 pm in Varanasi, there is no escape from the sun. Or the politics that the city is awash in today as it contemplates what sort of pulling power Congress chief Sonia Gandhi will demonstrate on the turf that Prime Minister Narendra Modi so decisively established as his own in the general election.

“The crowds will come. They will build up, you wait,” says Mohammed Isa, who runs a fishing business. Mr Isa says he voted for the Congress in 2014 and is likely to repeat his decision in the state election. “It is true the Congress will not win,” he says, “but who else will I vote for?  As Muslims, my family has always voted for the Congress.

He is seated at a small stall that sells cold drinks and eggs opposite the Dr Ambedkar statue that the Congress chief will garland. Her road show will end with a visit to the statue of Kamalapati Tripathi  to signal that the Congress should be the choice of a range of castes, from Brahmins to Dalits.

“Since Prime Minister Modi was elected, it is true that roads have improved here,” Mr Isa says. The improvement in Varanasi, from better roads to cleanliness, is acknowledged freely as the result of the PM making this his political home.

At the statue of Dalit icon Dr Ambedkar, Congress workers, their head scarves limp with sweat, climb up a ladder to clean the structure. So far, at this major intersection, the crowds are thin. A few Congress workers carry the placards of the local lawmaker who has rustled them together. One comes up. “I am seeking a ticket. If you can speak to anyone, please let me know,” he says, without inquiring who his query is being addressed to.

It is a testament to how today politics is the only thing on the city’s mind. Anil Dikshit, a taxi driver, says the BJP, who he supported in 2014, will make big gains. “In my village, it took me just a month to get a bank account opened,” he said of the PM’s Jan Dhan scheme to ensure all families have a bank account.

At the cold drinks stall, a group of Congress workers take refuge from the sun. “You can pay later, first have some cold water,” says the young owner, Wasim Akram, to them. “It is not a usual day,” he offers as explanation for his freewheeling business practice today.

One of the young Congress supporters gets up to be interviewed on camera. “Pappu fail nahin hua, Pappu pass hoga,” he insists loudly, referring to the mocking nickname given by PM Modi during his 2014 campaign to Mrs Gandhi’s son, Rahul.

That is the sort of bluster that is running through the streets today in a state where the Congress placed last in the general election.

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राहुल गांधी बोले, अब गांव-शहर में लोग बोल रहे ‘अरहर मोदी, अरहर मोदी’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषण का जिक्र करते हुए उनके दावों पर निशाना साधा। महंगाई पर नरेंद्र मोदी के भाषणों का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि मोदी जी कहते थे, ‘गरीब के घर में चूल्हा नहीं जलता। मां-बेटे रात भर रोते रहते हैं.वाह! क्या लाइन थी। लेकिन अब महंगाई पर लगाम लगाना भूल गए।’
सदन में नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा एनडीए की सरकार अपनी सालगिरह का जश्न ‘हैप्पी बर्थडे’ मनाती है लेकिन महंगाई का जिक्र तक नहीं करती। राहुल गांधी ने महंगाई पर एनडीए और यूपीए सरकार की तुलना करते हुए कहा, ‘ मोदी जी कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री नहीं, चौकीदार बनाओ। तीन-तीन बार अध्यादेश पेश किए गए, मोदीजी की नाक के नीचे जमीन छीनने की कोशिश की गई और चौकीदार देखता रहा।’ राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने किसानों का हजारों करोड़ रुपए माफ किए लेकिन एनडीए सरकार जमीन छीनने की कोशिश करती रही।

कांग्रेस सांसदों की तालियों के बीच राहुल गांधी ने सदन में जोरदार तरीके से मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अरहर की दाल की बढ़ती कीमतोंं के मामले पर केंद्र सरकार की खूब आलोचना की।सदन में राहुल ने कहा, ‘मैं मोदी जी से सिर्फ एक बात बोलना चाहता हूं कि स्टार्टअप, ओके बाय बाय …जो करना है करिए, लेकिन इस हाउस को आप वह डेट, वह तारीख दे दीजिए, जब मार्केट में दाल आलू-टमाटर के दाम कम हो जाएंगे। अरहर की दाल के भाव आसमान छू रहे हैं, गांव शहर के लोग बोल रहे हैं अरहर मोदी- अरहर मोदी।

Source: Amar Ujala

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राहुल, केजरीवाल और स्वामी की अर्जी खारिज, SC ने कहा- मानहानि के मुकदमों पर नहीं लगेगी रोक

Supreme_Court_of_India_-_Retouchedसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आपराधिक मानहानि कानून के खिलाफ दायर याचिका पर बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने आईपीसी की धारा 499 और 500 को संवैधानिक करार देते हुए याचिका को खारिज कर दिया.

कोर्ट ने कहा कि मानहानि कानून संवैधानिक है और इसे हटाया नहीं जाएगा. यह बरकरार रहेगा. इसके खिलाफ याचिका राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दायर की गई थी|

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘हमने देश भर में मजिस्ट्रेटों को आदेश जारी करके कहा है कि मानहानि के निजी मामलों में समन जारी करने से पहले सावधानी बरतें|

 

Source: आज तक

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