SBI Cards आईपीओ 2 मार्च को खुलेगा, 40% रिटर्न की उम्मीद, पैसा लगाने से पहले जानिए सभी बातें

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देश का सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) अपनी कार्ड कंपनी SBI कार्ड्स का आईपीओ ला रहा है. इस आईपीओ में 40 फीसदी रिटर्न की उम्मीद लगाई जा रही है.

एसबीआई कार्ड्स (SBI Cards IPO) का आईपीओ मार्च के पहले हफ्ते में आने वाला है. इस आईपीओ से निवेशकों को बंपर रिटर्न की उम्मीद है. आईपीओ ला रही एसबीआई कार्ड्स ऐंड पेमेंट्स सर्विसेज का शेयर ग्रे मार्केट में 200-250 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. अगर आसान शब्दों में कहें तो आईपीओ का प्राइस बैंड 690 रुपये प्रति शेयर से 710 रुपये प्रति शेयर रहने की उम्मीद लगाई जा रही है. वहीं, लिस्टिंग पर इसके प्रति शेयर 250 रुपये का मुनाफा हो सकता है. इससे पहली आए सरकारी कंपनी IRCTC पर भी ग्रे मार्केट में इतना ही प्रीमियम मिल रहा था. आपको बता दें कि आईपीओ के बाद से IRCTC का शेयर 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है.

आइए जानें SBI Cards आईपीओ के बारे में…

(1) SBI कार्ड्स का आईपीओ 2-5 मार्च के लिए खुल सकता है. एसबीआई कार्ड देश का सबसे बड़ा क्रेड कार्ड जारी करने वाला है, जिसका मार्केट शेयर 18 फीसदी है। दिसंबर 2019 में एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था एसबीआई कार्ड का आईपीओ बहुत जल्द जारी किया जाएगा.

(2) इसका  प्राइस  बैंड 690 से 710 रुपये प्रति शेयर के बीच हो सकता है. इससे कंपनी को तकरीबन 69,500-72,000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप मिलेगा.

(3) SBI कार्ड्स आईपीओ को मैनेज करने का जिम्मेदारी कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, SBI कैपिटल मार्केट्स, DSP Merrill Lynch, एक्सिस कैपिटल, HSBC सिक्योरिटीज और कैपिटल मार्केट्स नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी (Nomura Financial Advisory) और सिक्योरिटीज को दी गई है.

(4) SBI कार्ड्स में SBI की 74 फीसदी और कार्लाइल ग्रुप की 26 फीसदी हिस्सेदारी है. इस ऑफर से SBI को 2,780-2,880 करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिलेगी.

(5)  SBI कार्ड्स IPO के जरिए ऑफर फॉर सेल (OFS) रूट के जरिए 14 फीसदी की कटौती की जा सकती है. जिसमें 4 फीसदी SBI कम करेगी और बाकी बची 10 फीसदी प्राइवेट इक्विटी फर्म कर्लाइल ग्रुप हिस्सेदारी कम करेगी.

(6) एसबीआई कार्ड के लगभग 95 लाख ग्राहक हैं और एचडीएफसी बैंक के बाद कार्ड जारी करने वाली यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन साल में भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च में सालाना 35.6% की दर से बढ़ोतरी हुई है, जबकि क्रेडिट कार्ड बकाये में 25.6% की बढ़ोतरी हुई है. कार्ड बिजनस के लिए इंडस्ट्री ऐवरेज 3.5% है. पिछले 6-7 सालों में एसबीआई कार्ड की रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 25% से कम नहीं देखी गई है और इस दौरान यह लगभग 30% के औसत में रहा है.

क्या होता है आईपीओ?
जब कोई कंपनी पहली बार आम लोगों के सामने कंपनी का कुछ हिस्सा बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) कहा जाता है. इसके लिए कंपनियां खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराकर अपने शेयर निवेशकों को बेचने का प्रस्ताव लाती हैं.

लिस्टेड होने के बाद कंपनी के शेयर्स की खरीद और बिक्री शेयर बाजार में संभव होती है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के विनिवेश से 90,000 करोड़ रुपए का बजट लक्ष्य रखा है. पिछले वित्त वर्ष में विनिवेश से 85,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया था.

IPO में कैसे लगाए पैसा?
IPO में आप अपने स्तर पर सीधे निवेश कर सकते हैं, जिसके लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है. इसमें ब्रोकर के जरिए निवेश किया जा सकता है. हर ब्रोकरेज हाउस आईपीओ में निवेश के लिए अपनी वेबसाइट पर एक अलग सेक्शन रखता है.

जहां जाकर आप कुछ सूचनाएं भरने के बाद आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन सूचनाओं में प्रमुख है कि आप कितने स्टॉक के लिए किस कीमत पर अप्लाई करना चाहते हैं. आपके आवेदन के हिसाब से उतनी रकम आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग तक ब्लॉक कर दी जाती है.

अच्छा आईपीओ चुनने के लिए सबसे पहले तो उस कंपनी की साख देखें जो अपना आईपीओ ले आ रही है. कई रेटिंग एजेंसियां उस आईपीओ को अपना रेटिंग भी देती हैं, जिसपर नजर रखना जरूरी है.

अगर 2 या 2 से अधिक एजेंसियों की रेटिंग आईपीओ पर पॉजिटिव है तो उसमें निवेश किया जा सकता है. कंपनी के अच्छे बिजनेस के साथ साथ आईपीओ की कीमत भी देखें. ब्रोकर्स की रिपोर्ट को भी देखना चाहिए. बाजार प्रमोटर्स के अलावा दूसरे निवेशकों के बारे में भी जानकारी जुटाएं.

 

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