दिल्ली हिंसा: नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या में इजाफा, मौत का आंकड़ा पहुंचा 20

Delhi violence

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या में और इजाफा हुआ है। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या 13 से बढ़कर 20 हो गई हैं। गुरु तेग बहादुर अस्पताल ने चार और लोगों के मरने की पुष्टि की है। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन करने वाले और विरोध करने वालों के बीच रविवार को भड़की हिंसा मंगलवार को भी जारी रही। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर आदि इलाकों में जारी हिंसा में करीब 250 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, इनमें 56 पुलिस के जवान भी शामिल हैं।

दरअसल, दिल्ली में रविवार, सोमवार और मंगलवार तीनों दिन हिंसा की खबरें आती रहीं। उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर इलाकों में न सिर्फ आगजनी और हिंसा हुई, बल्कि लूटपाट भी की गई। हिंसा की खबरों को देखते हुए उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा, अमित शाह ने फिर से बैठक बुलााई है।

इन इलाकों में जारी है तनाव:
उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर, कर्दमपुरी, सुदामापुरी, घोंडा चौक, करावल नगर, मुस्तफाबाद, चांदबाग, नूरे इलाही, भजनपुरा और गोकलपुरी इलाके हिंसाग्रस्त हैं और बीते तीन दिनों से यहां तनाव जारी है। मंगलवार सुबह भी दोनों पक्ष के लोग सड़क पर आए और जमकर बवाल काटाय़ कर्दमपुरी और सुदामापुरी इलाके में दिनभर रुक-रुककर पथराव और फायरिंग होती रही।

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सीमाएं सील की गई: दिल्ली में हुई घटना के बाद गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से सटे बॉर्डर को सील कर दिया गया है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे के मुताबिक, जिले में धारा 144 लागू है। उधर, नोएडा में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया गया है। सीमाओं पर भारी सुरक्षाबल तैनात है।

स्कूल बंद और परीक्षाएं स्थगित:
उत्तर पूर्वी जिले के स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। बुधवार को इन इलाकों के सभी स्कूल बंद रहेंगे। दिल्ली सरकार ने आंतरिक परीक्षाएं स्थगित करने की घोषणा की है। इसके अलावा, सरकार ने सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी है।

मेट्रो स्टेशन बंद रहे, मगर आज सेवा शुरू
भले ही आज सभी मेट्रो स्टेशन को सामान्य कर दिया गया है। मगर हिंसा के चलते पिंक लाइन मेट्रो लाइन के पांच स्टेशन बंद रहे। इनमें शिव विहार, जौहरी एंक्लेव, गोकुलपुरी, मौजपुर और जाफराबाद मेट्रो स्टेशन शामिल रहे। पिंक लाइन पर मेट्रो को केवल मजलिस पार्क से वेलकम तक चलाया गया।  हालांकि, आज मेट्रो सेवा सामान्य है।

दुकानों पर कतार लगी:
उधर हिंसा प्रभावित इलाकों में लोगों ने राशन सामग्री जुटानी शुरू कर दी। शाम को राशन की दुकानों पर कतार लगनी शुरू हो गई। कई जगहों पर लोगों ने बढ़ी हुई कीमतों पर भी सामान खरीदा।

अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर भीड़ तितर-बितर:
दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर दिल्ली हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द शांति बहाली की मांग कर रहे लोगों को वहां से हटा दिया है। घेराव कर रहे छात्रों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

अजीत डोभाल ने स्थिति का जायजा लिया:
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज देर रात हालात का जायजा लेने के लिए सीलमपुर पहुंचे। डोभाल ने पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत की। सीलमपुर स्थित डिप्टी कमिश्नर ऑफ नॉर्थ-ईस्ट पुलिस के ऑफिस में करीब एक घंटे तक पुलिस कमिश्नर समेत पुलिस के अन्य आला अफसरों के साथ बैठक करने के बाद अजीत डोभाल सीलमपुर से निकल गए।

कैसे शुरू हुई हिंसा:
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रविवार को सड़क अवरुद्ध कर दी थी जिसके बाद जाफराबाद में सीएए के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प शुरू हो गई थी। दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी ऐसे ही धरने शुरू हो गए। मौजपुर में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक सभा बुलाई थी जिसमें मांग की गई थी कि पुलिस तीन दिन के भीतर सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को हटाए। इसके तुरंत बाद दो समूहों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

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