Modi and trump

डिफेंस डील डन-ट्रेड डील पर बात शुरू, पढ़ें साझा बयान में क्या बोले मोदी-ट्रंप

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप का साझा बयान
  • भारत-अमेरिका में डिफेंस डील पर लगी मुहर
  • ट्रेड डील पर बातचीत शुरू करेंगे भारत-US
  • आज खत्म होगा डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान भी जारी किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने ऐलान किया कि भारत और अमेरिका के बीच 3 बिलियन डॉलर की डील हो गई है, जिसके तहत 24 रोमियो हेलिकॉप्टर खरीदे जाएंगे. डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साझा बयान में क्या कहा, यहां पढ़ें…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके डेलिगेशन का भारत में हार्दिक स्वागत है. मुझे विशेष खुशी है कि इस यात्रा पर वो अपने परिवार के साथ आए हैं, पिछले 8 महीने में मेरी और ट्रंप की ये पांचवीं मुलाकात है. पीएम मोदी ने कहा कि मोटेरा स्टेडियम में डोनाल्ड ट्रंप का ऐतिहासिक स्वागत हुआ.

बयान में पीएम ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच संबंध दो सरकार नहीं बल्कि लोगों के बीच हैं. ये संबंध 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. दोनों देशों के संबंध को आगे बढ़ाने में डोनाल्ड ट्रंप का शानदार प्रयास रहा है. पीएम मोदी बोले कि हम दोनों आज डिफेंस, सुरक्षा, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, ट्रेड जैसे सभी मसलों पर चर्चा की.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे डिफेंस मैन्युफैक्चर एक दूसरे की सप्लाई चेन का हिस्सा बन रहे हैं, भारतीय फोर्स आज दुनिया में सबसे अधिक अमेरिका के साथ ही ट्रेनिंग एक्सरसाइज़ कर रही है. पिछले कुछ साल में हमारी सेना के बीच कई समझौते भी हुए हैं.

‘ट्रे़ड डील पर जल्द बनेगी बात’

ट्रंप के साथ साझा प्रेस वार्ता के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अमेरिका के साथ होमलैंड सुरक्षा पर निर्णय हुआ है, आतंक के समर्थकों को हराने के लिए हमने अपने प्रयासों को बढ़ाने का निर्णय किया है. प्रेसिडेंट ट्रंप ने इस दौरान ड्रग्स से लड़ाई पर प्राथमिकता दी है, इस मसले पर दोनों देशों के बीच चर्चा भी हुई है.

पीएम मोदी बोले कि तेल, गैस के लिए अमेरिका भारत का साथी है. टेक्नोलॉजी के मसले में भी भारत और अमेरिका एक साथ आगे बढ़ रहे हैं. दोनों देश बैलेंस ट्रेड के लिए प्रतिबद्ध हैं और द्विपक्षीय वार्ता को संतुलन करने पर सहमत हैं. प्रधानमंत्री ने यहां कहा कि ट्रेड डील के मसले पर दोनों देश बात करेंगे और कॉमर्स मिनिस्टर लीगल रूप से आगे बढ़ेंगें.

‘आतंकवाद के खिलाफ साथ लड़ेंगे भारत-US’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह भारत आने के न्योते के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करते हैं, मेलानिया और मैं भारत के स्वागत से अभिभूत हैं. मैंने और मेलानिया ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और ताजमहल को भी देखा. ट्रंप ने कहा कि मेरा ये दौरा काफी शानदार रहा और दोनों देश डिफेंस डील करने पर सहमत हुए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यहां कहा कि दोनों देशों का फोकस अपने नागरिकों को इस्लामिक आतंकवाद से बचाने का है और दोनों देश इसके लिए एक साथ काम करेंगे. हमारे देश की सेना आज एक साथ अभ्यास कर रही हैं, जो दोनों देशों को लाभ पहुंचाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति बोले कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ बात कर रहा है और आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेने के लिए दबाव बना रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप बोले कि हमारे देश लोकतंत्र, संविधान और लोगों के हितों को बचाने के लिए जानी जाती हैं. अमेरिका और भारत दोनों ही ट्रेड डील पर बात को तैयार हैं और इसपर जल्द ही फैसला होगा. डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि भारत-अमेरिका के बीच 3 बिलियन डॉलर की डिफेंस डील होगी.

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Trump and his wife at taj mahal

ताजमहल में ट्रंप ने इस भारतीय से पूछे 7 सवाल, खुश होकर दिया खास तोहफा

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने आगरा में ताज की यात्रा के दौरान एक शख्स को तोहफा दिया. यह तोहफा बेहद खास था. इसमें डोनाल्ड ट्रंप का नाम खुदा हुआ था. साथ व्हाइट हाउस का लोगो बना हुआ था. यह तोहफा इसलिए दिया गया क्योंकि ट्रंप ने इस आदमी से सात सवाल पूछे और उन्हें सारे सवालों के सही जवाब मिले.

Trump and his wife at taj mahal

डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को आगरा के ताजमहल घूमने गए थे. इस दौरान उनके जेहन में कई सवाल थे. उन्होंने अपने गाइड नितिन सिंह से ये सातों सवाल पूछे. नितिन ने उन्हें सातों सवालों के सही जवाब दिए. इसके बदले में डोनाल्ड ट्रंप ने नितिन सिंह को एक खास तोहफा दिया. 

Guide and donald trump and his wife

डोनाल्ड ट्रंप ने नितिन सिंह से पूरे ताज की यात्रा के दौरान सात सवाल पूछे. ये सवाल थे – ताजमहल किसने बनवाया था? इसे बनाने वाले कलाकार कहां से आए? शाहजहां को कहां कैद किया गया था? ताज में लगा संगमरमर कहां से आया था? अब तक ताजमहल में क्या-क्या बदला गया है? वाटर चैनल शाहजहां के समय के हैं या बाद में बने हैं?  तहखाने में बनी कब्रें पहले बनीं या फिर बाद में?

Trump and his wife with guide

नितिन सिंह ने सभी सवालों के जवाब बेहद शालीनता से विस्तृत तरीके से बताए. इसके बदले में डोनाल्ड ट्रंप ने नितिन सिंह को एक स्मृति चिन्ह तोहफे में दिया. इस चिन्ह पर सील का निशान बना है. डोनाल्ड ट्रंप का नाम और संयुक्त राज्य अमेरिका का लोगो छपा हुआ है.

ट्रंप ने पूछा कि ताज पर ये पेंटिंग क्या है. नितिन ने बताया कि ये पेंटिंग नहीं, इसे पच्चीकारी कहते हैं. यानी संगमरमर पर बहुमूल्य नगीने जड़े हुए हैं.

Trump guide gifr

ट्रंप ने नितिन ने पूछा कि तहखाने में बनी असली कब्रों और ऊपर बनी कब्रों की क्या कहानी है. तब नितिन ने उन्हें बताया कि इस्लाम में कब्रों के सजाने की इजाजत नहीं है. इसलिए शाहजहां ने ऊपर अलग से सजावटी कब्रों की प्रतिकृति बनवाई थी. 

ट्रंप को नितिन ने बताया कि ताजमहल में वाटर चैनल साइफन सिस्टम से चलता है और ये ताजमहल के बनने के समय से ही बना हुआ है. इसके कारीगर पूरी दुनिया से बुलवाए गए थे.

नितिन ने ट्रंप को बताया कि ताज के संगमरमर मकराना और काले पत्थर साउथ इंडिया से मंगवाए गए थे. ताज के दोहरे गुंबद, उसमें गूंजती आवाज, शाही मस्जिद व मेहमानखाने के बारे में भी ट्रंप ने जानकारी ली.

ट्रंप को नितिन ने ताजमहल के बनने की पूरी कहानी तारीख के हिसाब से सुनाई. शाहजहां और मुमताज महल की मोहब्बत की कहानियां भी सुनाई.

 

 

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Gas cylinder

गैस के दाम बढ़े तो उज्ज्वला योजना के 25% लाभार्थियों ने दोबारा सिलेंडर नहीं भरवाया: एसबीआई रिसर्च

  • बिना सब्सिडी का एलपीजी सिलेंडर 6 महीने में 284 रु. महंगा हुआ
  • आर्थिक संकट की वजह से सिलेंडर की रिफिलिंग में मुश्किल हो रही

एलपीजी की बढ़ती कीमतें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को लकड़ी, कोयला जैसे अशुद्ध ईंधन के इस्तेमाल के लिए मजबूर कर रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 25% ग्राहकों ने दोबारा कभी सिलेंडर नहीं भरवाया। यह खुलासा एसबीआई रिसर्च की हालिया रिपोर्ट इकोप्रैप में हुआ है।

इसके मुताबिक, दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अगस्त 2019 के 575 रुपए प्रति सिलेंडर से बढ़कर फरवरी 2020 में 859 रुपए हो गई है। यानी महज 6 महीने में 284 रुपए महंगी। रिसर्च के दौरान दिसंबर 2018 तक बांटे गए 5.92 करोड़ कनेक्शनों और 03 जून, 2019 तक रिफिल किए गए सिलेंडर के राज्य-वार डेटा का विश्लेषण किया गया।

बोझ झेलने की क्षमता अभी भी समस्या

पीएमयूवाई ने देशभर में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता की समस्या को तो हल कर दिया है, लेकिन इसका बोझ झेलने की क्षमता अभी भी समस्या बनी हुई है। इस समस्या को सुलझाने के लिए एसबीआई रिसर्च ने कई उपाय भी सुझाए हैं, जिनमें चुनिंदा परिवारों को हर साल 4 मुफ्त सिलेंडर देने समेत ये सुझाव भी हैं-

  • 4 करोड़ पात्र हैं, तो सालाना 12,800 करोड़ रु. का बोझ पड़ेगा।
  • सब्सिडी वाले सिलेंडरों की सालाना संख्या 12 से घटाकर 9 कर सकते हैं। यह पर्याप्त है।

57% ने 3 या ज्यादा बार रिफिल करवाया 

रिफिल लाभार्थी
कभी नहीं 24.6%
1-2 बार 17.9%
3 बार 11.7%
4 या अधिक 45.8%
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Nirbhaya Case advocate of convict

Nirbhaya case: वकील ने कोर्ट में कहा- विनय को गंभीर मानसिक बीमारी, मां को भी गया भूल

तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों में से एक विनय कुमार शर्मा द्वारा अपना सिर दीवार पर मार लेने के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया है। विनय के वकील एपी सिंह (AP Singh) ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर तिहाड़ जेल प्रशासन को बेहतर इलाज देने के लिए निर्देश देने की मांग की है।

वकील ने कोर्ट में कहा- विनय की मानसिक हालत ठीक नहीं

इसके साथ ही विनय के वकील ने कोर्ट में याचिका दायर कर कई गंभीर खुलासे किए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि विनय कुमार शर्मा के सिर में गंभीर चोट आई है। उसके दांए हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। मानसिक आघात भी पहुंचा है और सिज्रोफ्रेनिया (schizophrenia) की भी बात सामने आई है।

मां को भी नहीं पहचान पा रहा विनय

अर्जी में कहा गया है कि विनय को मानसिक बीमारी है और उसके इलाज की जरूरत है। वह लोगों को नहीं पहचान पा रहा और अपनी मां को भी भूल गया है। विनय के वकील पहले भी अदालत में कह चुके हैं कि वह मानसिक बीमार है और उसे फांसी नहीं दे सकते।

शनिवार को होगी सुनवाई

विनय की ओर दायर याचिका पर शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट सुनवाई करेगा। कोर्ट ने इस मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा (Additional Session Judge Dharmender Rana) ने तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि विनय शर्मा के घायल होने के संबंध में शनिवार तक जवाब दाखिल करें।

यह है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, 16 फरवरी (रविवार) को तिहाड़ जेल नंबर 3 में बंद चारों दोषियों में से एक विनय कुमार शर्मा ने अपना सिर दीवार में दे मारा था। इससे उसके सिर में हल्की चोट आई थी। जानकारी मिलने पर उसका उपचार किया गया था। इस पूरे मामला का खुलासा तीन दिन बाद बुधवार को हुआ तो हड़कंप मच गया।

चारों दोषियों के खिलाफ जारी हो चुका है डेथ वारंट

गौरतलब है कि 17 फरवरी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई में चारों दोषियों विनय कुमार शर्मा (26) पवन कुमार गुप्ता (25) अक्षय कुमार (31) और मुकेश कमार (32) की फांसी के लिए डेथ वारंट जारी कर चुका है। इसके मुताबिक, आगामी 3 मार्च को सुबह 6 बजे चारों को एकसाथ फांसी दी जाएगी।

 

 

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भोपाल झील में पलटी IPS अफसरों से भरी नाव, DGP की पत्नी भी थीं सवार

भोपाल की बड़ी झील में हुए इस हादसे में सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. डीजीपी विजय कुमार सिंह की पत्नी भी नाव में मौजूद थीं.

  • परिजनों के साथ आईपीएस अफसर थे सवार
  • आस-पास के नावों ने सबको सुरक्षित बचाया

आईपीएस सर्विस मीट के दौरान भोपाल की बड़ी झील में नाव पलट गई. नाव में कुछ आईपीएस अफसर और उनके परिजन मौदू थे. मध्यप्रदेश के डीजीपी विजय कुमार सिंह की पत्नी भी नाव में मौजूद थीं. वाटर स्पोर्ट्स के दौरान यह घटना हुई. नाव पलटते ही आसपास मौजूद दूसरी नावों की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

पुलिस वेलफेयर के एडीजी विजय कटारिया ने बताया कि नाव में मौजूद सभी लोगों ने लाइफ जैकेट्स पहनी थी, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ. हर बार आईएएस और आईपीएस मीट में अधिकारी वाटर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेते हैं, जिसमें सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट्स और सेफ्टी बोट तैनात रहती.

आईपीएस मीट के पहले दिन क्रिकेट मैच

भोपाल में आईपीएस मीट 2020 चल रहा है. इसके पहले दिन पुलिस अधिकारियों ने अपने परिवार के साथ मौज मस्ती की. पहले दिन सुबह मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आईपीएस अधिकारियों के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ. डीजीपी वीके सिंह और एडीजी डी श्रीनिवास राव की टीम के बीच मैच खेला गया. इस मैच में आईजी योगेश चौधरी ‘मैन ऑफ द मैच’ बने

जमकर नाचे आईपीएस अफसर

इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पुलिस को आज तक लोगों को नचाते हुए देखा है. लेकिन नाचते हुए पहली बार देखा है. इस दौरान प्रदेशभर के चुनिंदा आईपीएस अधिकारियों ने ग्रुप डांस किया. सर्वश्रेष्ठ डांस मूव्स के लिए अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया.

सांस्कृतिक कार्यक्रम के विनर

प्रथम- जबलपुर जोन

द्वितीय- भोपाल जोन

तृतीय- इंदौर-उज्जैन जोन

चतुर्थ- ग्वालियर-चंबल

बनाई गई चार अलग-अलग जोन की टीमें

आईपीएस सर्विस मीट 2020 के लिए चार अलग-अलग जोन की टीमें बनाई गई हैं, जो मालवा जोन (उज्जैन, इंदौर), महाकौशल जोन (रीवा, जबलपुर और सागर), चंबल जोन (ग्वालियर-चंबल), भोपाल जोन (भोपाल, पीएचक्यू और होशंगाबाद) हैं.

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Amitabh Bachchan की तस्वीर देख भागी Rekha कहा- ये डेंजर जोन है- Video हो रही है वायरल, आप भी देखें

बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्ट्रेस रेखा का चुलबुला अंदाज उनके फैंस के साथ-साथ मीडिया को भी खूब पंसद आता है। अब उनका नया वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को कुछ ज्यादा ही पसंद आ रहा है

एक वक्त था जब बॉलीवुड (Bollywood) के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और एवरग्रीन एक्ट्रेस रेखा (Rekha) के प्यार के किस्से हर किसी की जुबां पर हुआ करते थे। लेकिन एक आज का दौर है जब ये दोनों एक दूसरे से बात तक नहीं करते यहां तक की दोनों एक-दूसरे का सामना भी नहीं करते। अब ऐसे में रेखा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमे रेखा, अमिताभ की तस्वीर को देखकर ऐसी मस्ती करती है कि वहां खड़े लोग भी हसने पर मजबूर हो जाते हैं। आप भी देखें ये वायरल वीडियो

आपको बता दें कि हाल ही में मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रतनानी ने इस साल यानि 2020 बीस का कैलेंडर लॉन्च किया गया है  (Dabboo Ratnani Calendar Launch 2020). इस लॉन्च मौके पर बॉलीवुड सितारों की भीड़ देखी गई। जहां पर रेखा भी मौजूद थीं। इस दौरान वहां मौजूद फोटोग्राफर उनकी फोटो खींच रहे थे, तभी बैकग्राउंडर में अमिताभ बच्चन की तस्वीर वाला फ्रेम देख रेखा वहां से हट जाती हैं और कहती हैं कि यहां डेंजर जोन है।

Rekha dabbo

रेखा की बात सुनकर वहां मौजूद सभी फोटोग्राफर हंसने लगते हैं। यहां वीडियो में रेखा के साथ डब्बू रतनानी भी पापारात्सी (Paparazzi) को पोज देते हुए दिखाई दे रहे हैं। रेखा का ये मस्ती भरा वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। कह सकते हैं कि भले ही रेखा फिल्मों से दर्शकों का मनोरंजन नहीं कर रही हैं लेकिन वो अक्सर किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में छाई रहती हैं और अपने फैंस को एंटरटेन करती रहती हैं।

 

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SBI

SBI Cards आईपीओ 2 मार्च को खुलेगा, 40% रिटर्न की उम्मीद, पैसा लगाने से पहले जानिए सभी बातें

देश का सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) अपनी कार्ड कंपनी SBI कार्ड्स का आईपीओ ला रहा है. इस आईपीओ में 40 फीसदी रिटर्न की उम्मीद लगाई जा रही है.

एसबीआई कार्ड्स (SBI Cards IPO) का आईपीओ मार्च के पहले हफ्ते में आने वाला है. इस आईपीओ से निवेशकों को बंपर रिटर्न की उम्मीद है. आईपीओ ला रही एसबीआई कार्ड्स ऐंड पेमेंट्स सर्विसेज का शेयर ग्रे मार्केट में 200-250 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. अगर आसान शब्दों में कहें तो आईपीओ का प्राइस बैंड 690 रुपये प्रति शेयर से 710 रुपये प्रति शेयर रहने की उम्मीद लगाई जा रही है. वहीं, लिस्टिंग पर इसके प्रति शेयर 250 रुपये का मुनाफा हो सकता है. इससे पहली आए सरकारी कंपनी IRCTC पर भी ग्रे मार्केट में इतना ही प्रीमियम मिल रहा था. आपको बता दें कि आईपीओ के बाद से IRCTC का शेयर 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है.

आइए जानें SBI Cards आईपीओ के बारे में…

(1) SBI कार्ड्स का आईपीओ 2-5 मार्च के लिए खुल सकता है. एसबीआई कार्ड देश का सबसे बड़ा क्रेड कार्ड जारी करने वाला है, जिसका मार्केट शेयर 18 फीसदी है। दिसंबर 2019 में एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था एसबीआई कार्ड का आईपीओ बहुत जल्द जारी किया जाएगा.

(2) इसका  प्राइस  बैंड 690 से 710 रुपये प्रति शेयर के बीच हो सकता है. इससे कंपनी को तकरीबन 69,500-72,000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप मिलेगा.

(3) SBI कार्ड्स आईपीओ को मैनेज करने का जिम्मेदारी कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, SBI कैपिटल मार्केट्स, DSP Merrill Lynch, एक्सिस कैपिटल, HSBC सिक्योरिटीज और कैपिटल मार्केट्स नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी (Nomura Financial Advisory) और सिक्योरिटीज को दी गई है.

(4) SBI कार्ड्स में SBI की 74 फीसदी और कार्लाइल ग्रुप की 26 फीसदी हिस्सेदारी है. इस ऑफर से SBI को 2,780-2,880 करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिलेगी.

(5)  SBI कार्ड्स IPO के जरिए ऑफर फॉर सेल (OFS) रूट के जरिए 14 फीसदी की कटौती की जा सकती है. जिसमें 4 फीसदी SBI कम करेगी और बाकी बची 10 फीसदी प्राइवेट इक्विटी फर्म कर्लाइल ग्रुप हिस्सेदारी कम करेगी.

(6) एसबीआई कार्ड के लगभग 95 लाख ग्राहक हैं और एचडीएफसी बैंक के बाद कार्ड जारी करने वाली यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन साल में भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च में सालाना 35.6% की दर से बढ़ोतरी हुई है, जबकि क्रेडिट कार्ड बकाये में 25.6% की बढ़ोतरी हुई है. कार्ड बिजनस के लिए इंडस्ट्री ऐवरेज 3.5% है. पिछले 6-7 सालों में एसबीआई कार्ड की रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 25% से कम नहीं देखी गई है और इस दौरान यह लगभग 30% के औसत में रहा है.

क्या होता है आईपीओ?
जब कोई कंपनी पहली बार आम लोगों के सामने कंपनी का कुछ हिस्सा बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) कहा जाता है. इसके लिए कंपनियां खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराकर अपने शेयर निवेशकों को बेचने का प्रस्ताव लाती हैं.

लिस्टेड होने के बाद कंपनी के शेयर्स की खरीद और बिक्री शेयर बाजार में संभव होती है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के विनिवेश से 90,000 करोड़ रुपए का बजट लक्ष्य रखा है. पिछले वित्त वर्ष में विनिवेश से 85,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया था.

IPO में कैसे लगाए पैसा?
IPO में आप अपने स्तर पर सीधे निवेश कर सकते हैं, जिसके लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है. इसमें ब्रोकर के जरिए निवेश किया जा सकता है. हर ब्रोकरेज हाउस आईपीओ में निवेश के लिए अपनी वेबसाइट पर एक अलग सेक्शन रखता है.

जहां जाकर आप कुछ सूचनाएं भरने के बाद आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन सूचनाओं में प्रमुख है कि आप कितने स्टॉक के लिए किस कीमत पर अप्लाई करना चाहते हैं. आपके आवेदन के हिसाब से उतनी रकम आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग तक ब्लॉक कर दी जाती है.

अच्छा आईपीओ चुनने के लिए सबसे पहले तो उस कंपनी की साख देखें जो अपना आईपीओ ले आ रही है. कई रेटिंग एजेंसियां उस आईपीओ को अपना रेटिंग भी देती हैं, जिसपर नजर रखना जरूरी है.

अगर 2 या 2 से अधिक एजेंसियों की रेटिंग आईपीओ पर पॉजिटिव है तो उसमें निवेश किया जा सकता है. कंपनी के अच्छे बिजनेस के साथ साथ आईपीओ की कीमत भी देखें. ब्रोकर्स की रिपोर्ट को भी देखना चाहिए. बाजार प्रमोटर्स के अलावा दूसरे निवेशकों के बारे में भी जानकारी जुटाएं.

 

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Air Force One: जानें उस विमान की ताकत, जिससे भारत आ रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं। 24 और 25 फरवरी 2020 को ट्रंप भारत में रहेंगे। इस दौरान वे नई दिल्ली के अलावा अहमदाबाद (गुजरात) और ताज महल (आगरा) भी जाएंगे। ट्रंप तीन स्तर के सुरक्षा घेरे में रहेंगे। अमेरिकी अफसरों ने जानकारी दी है कि सुरक्षा का पहला घेरा उनका ही रहेगा।

आपने पढ़ा होगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति एयरफोर्स वन से भारत आएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये विमान कितना ताकतवर है? उस विमान की खासियत क्या है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति सफर करते हैं? इसके बारे में आगे पढ़ें।

क्या है एयरफोर्स वन

  • अमेरिकी एयरफोर्स के जिस भी विमान में वहां के राष्ट्रपति सफर कर रहे हों, उसे तकनीकी रूप से एयरफोर्स वन कहा जा सकता है। यह एक कॉलसाइन होता है।
  • लेकिन 20वीं सदी के मध्य से एक नई व्यवस्था शुरू हुई, जिसके अनुसार राष्ट्रपति के सफर के लिए सभी जरूरी सुविधाओं से लैस एयरफोर्स के विमानों को ही एयरफोर्स वन कहा जाने लगा।
  • ऐसे दो सबसे खास विमान हैं – बोइंग 747-200बी सीरीज के विमान। इन विमानों में पीछे की तरफ 28000 और 29000 कोड लिखा होता है।
  • इस विमान पर बड़े अक्षरों में लिखा होता है – ‘United States of America’। साथ ही अमेरिका के झंडे और अमेरिकी राष्ट्रपति की सील होती है।
  • यह 45 हजार फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसकी ऊंचाई 6 मंजिले इमारत जितनी और लंबाई एक फुटबॉल के मैदान जितनी है।

Air force one

अंदर से कैसा होता है ये विमान

  • एयरफोर्स वन के अंदर 4000 वर्ग फीट की जगह है। विमान अंदर से तीन स्तर में बंटा है। इसमें राष्ट्रपति के लिए खास सुईट भी है, जिसमें बड़ा सा कार्यालय, कॉन्फ्रेंस रूम और बाथरूम होता है।
  • इसके अलावा विमान में एक मेडिकल सुईट होता है, जिसे जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन थिएटर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। विमान पर एक डॉक्टर स्थायी रूप से मौजूद होता है।
  • विमान में खाना बनाने के लिए दो अलग-अलग रसोई होती है जिसमें एक साथ 100 लोगों का खाना तैयार करने की क्षमता होती है।
  • इसमें राष्ट्रपति के साथ चलने वाले अधिकारियों (वरिष्ठ सलाहकार, गुप्त सेवा अधिकारी, पत्रकार) व अन्य अतिथियों के लिए भी कमरे होते हैं।

एयरफोर्स वन की खासियत

  • किसी राष्ट्रपति द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला ये दुनिया का सबसे आधुनिक और बड़ा विमान है।
  • इस विमान का दायरा असीमित है। अमेरिकी राष्ट्रपति जहां चाहें और दुनिया के जिस कोने में भी जरूरत हो, ये विमान आसानी से उस जगह पहुंच सकता है।
  • इस विमान में बीच हवा में भी जरूरत पड़ने पर दोबारा ईंधन भरे जाने की क्षमता है।
  • इस विमान में एक बार में 2.03 लाख लीटर ईंधन भरा जा सकता है।
  • विमान पर जितने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हैं, वे इतने मजबूत हैं कि उनपर विद्युत चुंबकीय कंपन (Electromagnetic Pulse) का असर नहीं हो सकता।
  • विमान का कम्युनिकेशन सिस्टम इस तरह का है कि अमेरिकी राष्ट्रपति इसे मोबाइल कमांड सेंटर की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी किसी तरह की आपत्ति की परिस्थिति में राष्ट्रपति विमान में उड़ते हुए कहीं से भी अपनी सेना व अधिकारियों को कमांड दे सकते हैं।
  • किसी आपदा की स्थिति में ये विमान अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए हवा में उड़ने वाले बंकर का काम कर सकता है। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 2001 में हुए आतंकी हमले के बाद भी यही विमान राष्ट्रपति का कमांड सेंटर बन गया था।
  • एयरफोर्स वन के दो विमान बिल्कुल एक जैसे बनाए गए हैं। एक मुख्य विमान होता है और दूसरा बैकअप के लिए। दोनों विमान हमेशा साथ में उड़ान भरते हैं। इनमें से एक में राष्ट्रपति होते हैं, जिसकी जानकारी पहले से किसी को नहीं दी जाती।
  • इस विमान में साइबरस्पेस से होने वाले हमलों या मिसाइल हमलों का पता लगाने के लिए भी खास सेंसर्स लगाए गए हैं।

Air force one

हवा में कैसे चलता है अमेरिकी राष्ट्रपति का काफिला

  • एयरफोर्स वन के आगे कई मालवाहक विमान उड़ान भरते हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में राष्ट्रपति को जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध कराई जा सकें।
  • जब राष्ट्रपति विमान में सवार हो रहे होते हैं, तो रनवे पर उनके साथ काफिले में जा रहे लोगों के अलावा और किसी को अपनी जगह से हिलने की इजाजत नहीं होती।
  • एयरफोर्स वन चार क्रू सदस्यों – पायलट, को-पायलट, इंजीनियर और नेविगेटर के साथ उड़ान भरता है। बोइंग 747 के किसी और विमान में इतना मजबूत क्रू नहीं होता।

कौन करता है एयरफोर्स वन की देखरेख

  • एयरफोर्स वन की देखरेख व संचालन प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप द्वारा किया जाता है जो व्हाइट हाउस मिलिट्री ऑफिस का हिस्सा होता है। ये एयरलिफ्ट ग्रुप 1944 में बनाया गया था।
  • शुरू के करीब 15 सालों तक, अमेरिकी राष्ट्रपति अलग-अलग विमानों में सफर करते रहे। 1962 में खासतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए बनाए गए जेट विमान में सफर करने वाले पहले शख्स थे जॉन एफ केनेडी।

 

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‘खराब नहीं थी जसप्रीत बुमराह की बॉलिंग, न्यूजीलैंड ने चली थी ये चाल’

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड ने कहा कि उनकी टीम ने जिस तरह से भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का सामना किया उससे दूसरी टीमें सीख लेंगी. बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले सके थे. सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहने पर बुमराह को आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन बॉन्ड ने उनका बचाव किया.

बॉन्ड ने कहा, ‘जब आपके पास जसप्रीत बुमराह की तरह का गेंदबाज हो तो जाहिर है उससे काफी उम्मीदें होंगी.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड ने उन्हें खतरा माना और उनका सामना सही तरीके से किया.’ उन्होंने कहा, ‘बुमराह के साथ टीम में अनुभवहीन गेंदबाज (नवदीव सैनी और शार्दुल ठाकुर) थे जिसका फायदा न्यूजीलैंड को हुआ.’ बॉन्ड ने कहा, ‘अब हर टीम उन्हें खतरे की तरह देखेगी और दूसरे गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएंगी.’

बॉन्ड ने हालांकि कहा कि भारतीय टीम सीरीज 0-3 से हार गई, लेकिन बुमराह की गेंदबाजी बुरी नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘आप मैच में अच्छा करना चाहते हैं. उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन कई बार आपको विकेट नहीं मिलता.’ आईपीएल में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजी कोच के तौर पर बुमराह के साथ समय बिताने वाले बॉन्ड ने कहा कि यह भारतीय गेंदबाज दो टेस्ट की सीरीज में ‘काफी प्रभाव’ डालेगा. शेन बॉन्ड ने कहा, ‘जब आप खराब प्रदर्शन से वापसी करते हैं तब लय हासिल करना हमेशा मुश्किल होता है. उन्हें इस सीरीज से पहले ज्यादा मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला. न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज में अच्छे से उनका सामना किया, लेकिन टेस्ट मैचों में उनका काफी प्रभाव होगा. मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है.’

न्यूजीलैंड को उनके घरेलू मैदान में हराना काफी मुश्किल होता है और बॉन्ड को उम्मीद है कि विलियमसन पांच तेज गेंदबाजों के साथ मैच में जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड की विकेट के बारे में सबसे बड़ी बात यह है कि यहां गेंद स्पिन नहीं होती है. जो भी टॉस जीतता है वह पहले गेंदबाजी करना चाहता है, क्योंकि पहले दिन पिच से सबसे ज्यादा मदद मिलती है.’ शेन बॉन्ड ने कहा, ‘अगर न्यूजीलैंड की टीम बिना किसी स्पिनर के मैच में उतरे तो भी मुझे आश्चर्य नहीं होगा. मैं भी स्पिनर को टीम में नहीं रखना चाहूंगा क्योंकि उसका काम सिर्फ रनगति पर अंकुश लगाना होता है.’

 

 

 

 

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Donald Trump with wife

गुजरात में तीन घंटे बिताएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, प्रति मिनट का खर्च 55 लाख रुपये

डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी से दो दिन के लिए भारत दौरे पर आ रहे हैं। पहले दिन वह गुजरात के अहमदाबाद शहर आएंगे। यहां वह करीब तीन घंटे बिताएंगे और उनके स्वागत के लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। एक अनुमान है कि तीन घंटे के ट्रंप के लिए प्रशासन को 100 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

अहमदाबाद नगर निगम और अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण मिलकर सड़कों को सुंदर बनाने के लिए करीब सौ करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। मोटेरा स्टेडियम से लौटने के लिए एयरपोर्ट तक खासतौर से बनाई जा रही 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर ही करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस रूट और स्थान के सौंदर्यीकरण के लिए 8 करोड़ का बजट आंवटित किया गया।

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की खबर के अनुसार इस हाई प्रोफाइल दौरे पर गुजरात सरकार के कम से कम 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यानि एक मिनट में करीब 55 लाख रुपये। ट्रंप के अहमदाबाद दौरे की तैयारियों में जुटे शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने साफ कह दिया है कि स्वागत में बजट कहीं से भी आड़े नहीं आना चाहिए।

रूपाणी सरकार को उठाना होगा ज्यादा खर्च

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गुजरात यात्रा का काफी खर्च केंद्र सरकार उठाने को तैयार है, लेकिन फिर भी राज्य सरकार को ज्यादा खर्च उठाना होगा। एक अधिकारी के मुताबिक सभी विभागों को हर तरह के लॉजिस्टिक का इस्तेमाल करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेनी नहीं होगी।

कहां कितना खर्च 

  • 80 करोड़  ट्रंप के रूट पर पड़ने वाली नई सड़कों का निर्माण
  • 12-15 करोड़ रुपये अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा पर खर्च
  • 7-10 करोड़ रुपये मोटेरा स्टेडियम में आने वाले करीब एक लाख मेहमानों के खाने-पीने पर खर्च
  • 6 करोड़ रुपये शहर को सुंदर बनाने और सड़क के बीच में ताड़ के पेड़ और सुंदर फूल लगाने पर खर्च
  • 4 करोड़ रुपये सांस्कृतिक कार्यक्रम पर खर्च

ट्रंप के रोड शो में तैनात होंगे 10,000 पुलिसकर्मी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात में 24 फरवरी को होने वाले रोड शो के दौरान 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, 25 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इन जवानों का नेतृत्व करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी।

अपनी पहली दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान, ट्रंप अहमदाबाद में एक रोड शो में भाग लेंगे और साबरमती आश्रम भी जाएंगे। वह मोटेरा में नव-निर्मित क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन करने वाले हैं।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (कंट्रोल रूम) विजय पटेल ने बताया कि 65 सहायक आयुक्तों, 200 निरीक्षकों और 800 उप-निरीक्षकों सहित 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को शहर में रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा। इस तैनाती में संयुक्त राज्य अमेरिका की गुप्त सेवा के अधिकारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के अधिकारी भी शामिल होंगे।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ने कहा कि एनएसजी की एक एंटी-स्नाइपर टीम भी मार्ग पर तैनात रहेगी। पुलिस बम निरोधक दस्ते ने पूरे मार्ग को पहले ही स्कैन करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस होटलों में ठहरे नए मेहमानों के बारे में जानकारी की जांच करने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रही है, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेशों से आए हैं।

 

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